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UPS full form in Hindi – जानिए क्या है UPS, पूरी जानकारी

Ups full form

UPS Full Form in Hindi, UPS Ka Pura Naam Kya Hai, UPS क्या है, UPS Ka Full Form Kya Hai, UPS का Full Form क्या है,  UPS meaning, UPS क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

दोस्तों! UPS शब्द के बारे में तो आपने पहले भी सुना ही होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि UPS full form in Hindi क्या है? यदि नहीं तो UPS के बारे में जानना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह आमतौर पर लोगों द्वारा  इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हैं जो आपकी जीवनशैली में आधुनिक और तकनीकी तौर पर काफी मदद कर सकते हैं। यदि आप अब तक नहीं जानते कि UPS full form in Hindi क्या है तो हम आपके लिए इस आर्टिकल में UPS full form in Hindi के साथ-साथ इससे जुड़ी जानकारी लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप इसके बारे में सभी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको UPS full form क्या होता है?, UPS का क्या मतलब है?, UPS से जुड़े काम क्या हैं? जैसी सभी जानकारियां बताने वाले हैं। इसे जानने के लिए आप इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें क्योंकि यहां हमने UPS full information in Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई है। UPS के अंतर्गत आने वाली हर बात और कार्य यहां निम्नलिखित हैं –

UPS का फुल फॉर्म क्या है? (UPS Full Form in Hindi)

UPS का फुल फॉर्म या पूरा नाम Uninterruptible Power Supply होता है। UPS को हिन्दी की भाषा में निर्बाध विद्युत आपूर्ति यंत्र कहते हैं।

UPS क्या होता है? (What is UPS in Hindi?)

दोस्तों! आज के आधुनिक समय में लैपटॉप या कम्प्यूटर जैसी चीजें करीब हर व्यक्ति के पास होती ही है। उन्हीं कम्प्यूटर और लैपटॉप के साथ इस्तेमाल की जाने वाली एक छोटी सी मशीन को UPS कहते हैं। यह UPS एक ऐसी डिवाइस होती है जो बिजली ना रहने पर हमारे कम्प्यूटर या लैपटॉप को कुछ समय के लिए बिजली देने का काम करता है। UPS डिवाइस में कुछ समय की बिजली को एकत्रित कर के रखा जा सकता है जिसकी मदद से बिजली चले जाने के बाद भी आप आसानी से बिना किसी रुकावट के अपने कंप्यूटर पर काम कर सकते हैं।

UPS किस प्रकार काम करता है? (How does UPS work in Hindi?)

दोस्तों! जैसा कि हमने आपको बताया कि UPS एक डिवाइस होती है जो बिजली के अनुपस्थिति में कम्प्यूटर, लैपटॉप और दूसरे अलग अलग बिजली से चलने वाले उपकरणों या मशीनों को कुछ समय के लिए बिजली दे सकती है। इस UPS को कम्प्यूटर के सिस्टम के साथ साथ अपने घर या ऑफिस बिजली स्विच के साथ जोड़ दें। बिजली जाने पर यह कनेक्शन हमारे कम्प्यूटर को बिजली दे सकेगी। यह UPS एक बैट्री की तरह ही काम करता है जो बिजली रहने पर चार्ज होता है और बिजली को स्टोर कर के बाद में दूसरे मशीनों को बिजली देता है जिससे आपका अगर कोई भी जरूरी काम हो रहा हो तो बिजली की नामौजूदगी में ना रुके। मेन स्विच से जुड़े होने पर यह UPS बिजली के जाने पर खुद ही चालू हो जाती है।

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UPS के इस्तेमाल के क्या फायदे हैं?

जैसा कि हम जानते हैं कि UPS बिजली देने वाला उपकरण या यंत्र है तो इसके इस्तेमाल के कई फायदे भी हैं जो निम्नलिखित हैं –

– बिजली जाने पर भी हम UPS की मदद से कम्प्यूटर जैसी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

– UPS हमारे मशीनों को हाई वोल्टेज से भी बचाने में काफी मदद करता है।

– UPS बिजली के जाने पर हमें समय देता है जिससे हम अपने काम को बिना किसी परेशानी के सेव कर सकें।

– UPS की मदद से हम अपना कोई भी जरूरी काम बिना किसी रुकावट के साथ पूरा कर सकते हैं।

– किसी भी पॉवर कट से बचाने में UPS दूसरे यंत्र को बचाता है।

UPS कितने प्रकार के होते हैं? (How many types of UPS in Hindi?)

UPS यानि Uninterupptible Power Supply के प्रकार निम्नलिखित हैं –

– SB UPS यानि Stand By UPS एक साधारण UPS होता है जो सामान्य तौर पर हम अपने घर में अपने कम्प्यूटर के साथ जोड़ कर काम करते हैं। बिजली के बन्द होने के बाद यह UPS हमारे पर्सनल कंप्यूटर को पॉवर देकर हमारे काम करने में मदद करता है।

– LI UPS यानि Line Interactive UPS भी एक साधारण UPS की तरह ही होता है लेकिन यह दो तरीकों से काम करता है। यह कम या ज्यादा वोल्टेज रहने पर उसे सामान्य वोल्टेज में बदलने का काम करता है। बिजली रहने पर यह UPS इनवर्टर की तरह काम करता है जो बैट्री को चार्ज करता है और वोल्टेज को सामान्य रखता है लेकिन बिजली ना होने पर एक साधारण इनवर्टर की तरह ही बिजली भी देता है।

– DC UPS यानि Double Conversion UPS में एक प्राइमरी पॉवर वाली इनवर्टर होती है जो मुख्य बिजली या मेन पॉवर को सामान्य ऑपरेशन के दौरान AC पॉवर की प्रक्रिया पूरी करता है। इस UPS में एक input rectifier होता है जो AC input की सप्लाई बन्द होने पर तुरंत बिजली को काटता है और output इनवर्टर को चालू कर बैटरी की मदद से बिजली देता है। Input power के सामान्य होने पर यह UPS खुद अपना सप्लाई बन्द कर देता है।

UPS के हिस्से क्या हैं? (What are the parts of UPS in Hindi?)

UPS में कई हिस्से होते हैं जिसकी मदद से वह बिजली से जुड़े काम आसानी से कर सकता है। UPS के कुछ मुख्य हिस्से निम्नलिखित हैं –

1. Rectifier (रेक्टिफायर) – हर UPS में एक रेक्टिफायार जरूर होता है जो alternative current यानि AC को direct current यानि DC में बदलने का काम करता है। इनवर्टर सर्किट में इस रेक्टिफायर को लगाया जाता है जिसका काम बैट्री को चार्ज करना होता है।

2. Inverter (इनवर्टर) – रेक्टिफायर द्वारा भेजी जा रही Direct Current या डायरेक्ट सप्लाई को यह इनवर्टर alternative current या AC सप्लाई में बदलने का काम करता है। इसकी मदद से AC current को सामान्य और फिल्टर कर लोड तक पहुंचाया जाता है।

3. Battery (बैट्री) – बैट्री को UPS का हार्ट यानि दिल भी कहा जाता है क्योंकि इसके बिना कोई भी UPS काम नहीं करता है। बैट्री की मदद से ही बिजली के जाने पर UPS दूसरे उपकरणों को इमरजेंसी बिजली देता है जिसकी मदद से हमारा काम नहीं रुकता।

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