TDM FULL FORM IN HINDI – जानिए क्या है, पूरी जानकारी

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TDM Full Form in Hindi, TDM Ka Pura Naam Kya Hai, TDM क्या है, TDM Ka Full Form Kya Hai, TDM का Full Form क्या है,  TDM meaning, TDM क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

हेलो दोस्तों! आज हम आपको (टी-डी-एम) शब्द के बारे में बताने जा रहे हैं। आप सभी में से बहुत कम लोग हैं , जो (TDM) शब्द का फुल फॉर्म और इससे जुड़ी जानकारियां के बारे में जानते होंगे । हालांकि बहुत से लोग इससे जुड़ी जानकारी लेना नहीं चाहते ,परंतु आज की इस वर्तमान जीवनशैली में हमें (TDM) से जुड़ी सभी जानकारियां प्राप्त होना बहुत ही आवश्यक है। 

इस आर्टिकल में हम आप सभी को जानकारी देंगे कि (टी-डी-एम )का पूरा नाम क्या होता है? What Is Full From Of TDM ?) टी-डी-एम शब्द का मतलब क्या होता है?(What Is Meaning Of TDM ?)

टी-डी-एम क्या है और इससे जुड़ी सभी जानकारियां हम आपको बताने वाले हैं। इससे जुड़ी सभी जानकारियों को प्राप्त करने के लिए हमारी पोस्ट को अंत तक पढ़े हैं। 

क्योंकि यहां हमने आपके लिए TDM Full Information In hindi के बारे में संपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाई है। टी-डी-एम (TDM) से जुड़े सभी जानकारियां और तथ्य निम्नलिखित हैं: 

(टी-डी-एम) का फुल फॉर्म क्या होता है? (TDM FULL FORM IN HINDI?)

इसका पूरा नाम Time division multiplexing (TDM) है।

आज की जीवनशैली में हमें सभी तरह की जानकारी प्राप्त होना जरूरी है , इनमें से एक विषय टी-डी-एम भी है। आज कहीं ना कहीं लोगों का कभी ना कभी टी-डी-एम शब्द से सामना हुआ ही होगा। क्या आप जानते हैं टी- डी -एम का पूरा नाम क्या है?अगर नहीं जानते हैं तो कोई  चिंता का विषय नहीं है, हम आपको इससे जुड़ी सभी जानकारियां देंगे। टी-डी-एम शब्द का पूरा नाम Time division multiplexing होता है। इसे लोग बोलचाल की भाषा में टी-डी-एम TDM भी कहते हैं। परंतु इसका असली नाम (Time division multiplexing) (समय विभाजन बहुसंकेतन) है। 

टी-डी-एम शब्द का मतलब क्या होता है? (What Is The Meaning Of TDM)

बहुत ही आसान शब्दों में कहा जाए तो टी-डी-एम -बहुसंकेतन तकनीक होती है। यह एक ट्रांसमिशन लाइन है,। टाइम-डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग (टीडीएम) सिग्नल को कई खंडों में अलग करके एक सिग्नल में कई डेटा स्ट्रीम डालने की एक विधि है, प्रत्येक में बहुत कम अवधि होती है।  प्रत्येक व्यक्तिगत डेटा स्ट्रीम को समय के आधार पर प्राप्त करने वाले छोर पर फिर से जोड़ा जाता है।1870 के दशक में, एमिल बॉडॉट ने कई ह्यूजेस टेलीग्राफ मशीनों की एक समय- बहुसंकेतन प्रणाली विकसित की थी। 

टी-डी-एम क्या है? (What Is Time division multiplexing?)

टी-डी-एम का अर्थ है Time division multiplexing (समय विभाजन बहुसंकेतन) । यह एक प्रकार की ट्रांसमिशन लाइन के प्रत्येक छोर पर सिंक्रनाइज़ स्विच के माध्यम से एक सामान्य सिग्नल पथ पर स्वतंत्र सिग्नल ट्रांसमिट करने और प्राप्त करने की एक विधि है ताकि प्रत्येक सिग्नल लाइन पर केवल एक वैकल्पिक पैटर्न में कुछ अंश दिखाई दे अर्थात प्रयोग करने के लिए टी-डी-एम प्रणाली प्रयोगशालाओं द्वारा 1950-1953 के बीच विकसित की गई थी। 

टी-डी-एम क्यों आवश्यक है? (What is TDM Necessary?)

समय विभाजन बहुसंकेतन पहली बार टेलीग्राफी के रूप में उपयोग के लिए विकसित किया गया था। ताकि एक ही ट्रांसमिशन लाइन पर एक साथ कई ट्रांसमिशन के रास्ते बनाए जा सके। 

टाइम-डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग मुख्य रूप से डिजिटल सिग्नल के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन एनालॉग मल्टीप्लेक्सिंग में लागू किया जा सकता है जिसमें दो या दो से अधिक सिग्नल होते हैं। बिट स्ट्रीम एक ऐसा संचारित चैनल है जिसमें उप-चैनल के रूप में एक साथ कई चैनल दिखाई देते हैं। परंतु इसका निर्माण भौतिक रूप से किया गया है। 

टी-डी-एम को समय विभाजन बहुसंकेतन एक्सेस (टी-डी-एम) योजना में आगे बढ़ाया जाने का प्रयास किया जा रहा है, इसके साथ साथ एक ही भौतिक माध्यम से जुड़े कई स्टेशन, उदाहरण के लिए एक ही आवृत्ति चैनल में साझा एवं संचार कराए जाएंगे।  

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टी-डी-एम के गुण क्या है? (What Is marrit Of TDM?) 

समय विभाजन बहुसंकेतन के गुण निम्नलिखित है: 

• टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग सिस्टम फ़्रीक्वेंसी डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग की तुलना में अधिक लचीले होते हैं। 

• टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग सर्किटरी जटिल नहीं है। 

• टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग की क्रॉस टॉक की समस्या गंभीर नहीं है। 

• टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग के प्रत्येक चैनल के लिए पूर्ण उपलब्ध चैनल बैंडविड्थ का उपयोग किया जा सकता है। 

टी-डी-एम के अवगुण क्या है?(What Is Demetris Of TDM?) 

समय विभाजन बहुसंकेतन के अवगुण निम्नलिखित है: 

• टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग में समय विभाजन बहुसंकेतन में तुल्यकालन आवश्यक है। 

• टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग लागू करने में  काफी जटिल। 

• नैरोबैंड के धीरे-धीरे लुप्त होने के कारण, सभी टीडीएम चैनल समाप्त हो सकते हैं। 

टी-डी-एम का इतिहास क्या है? (What Is History Of TDM ?)

1870 के दशक में, एमिल बॉडॉट ने कई ह्यूजेस टेलीग्राफ मशीनों की एक समय-मल्टीप्लेक्सिंग प्रणाली विकसित किया ।1944 में, ब्रिटिश सेना ने 10 मील की दूरी तक एक माइक्रोवेव रिले पर 10 टेलीफोन वार्तालापों को मल्टीप्लेक्स करने के लिए वायरलेस सेट नंबर 10 का उपयोग किया।  इसने क्षेत्र के कमांडरों को इंग्लिश चैनल पर इंग्लैंड में कर्मचारियों के संपर्क में रहने की अनुमति दी। 

1943 में आरसीए कम्युनिकेशंस द्वारा ब्रॉड स्ट्रीट, न्यूयॉर्क में आरसीए की सुविधा, रॉकी पॉइंट पर उनके ट्रांसमिटिंग स्टेशन और रिवरहेड, लॉन्ग आइलैंड, न्यू यॉर्क में रिसीविंग स्टेशन के बीच ऑडियो सूचना भेजने के लिए आरसीए कम्युनिकेशंस द्वारा एक 24-चैनल टी-डी-एम को व्यावसायिक संचालन में रखा गया था।  संचार पूरे लांग आईलैंड में एक माइक्रोवेव सिस्टम द्वारा किया गया था।  

सन 1962 में, बेल लैब्स के इंजीनियरों ने पहली बार चैनल बैंक विकसित किया था जिसने बेल सेंट्रल ऑफिस एनालॉग स्विच के बीच चार-तार तांबे के ट्रंक पर 24 डिजीटल वॉयस कॉल को जोड़ा गया था । एक चैनल बैंक ने 1.044 Mbit/s डिजिटल सिग्नल को 7000 अलग-अलग फ़्रेमों में काट दिया, प्रत्येक 24 सन्निहित बाइट्स से बना था। इसके साथ ही साथ प्रत्येक बाइट 64 kbit/s के निरंतर बिट दर संकेत निश्चित कर दिया। चैनल बैंकों ने सभी कॉल की पहचान करने के समय विभाजन बहूसंकेतिक प्रणाली का उपयोग किया था।


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