MMS FULL FORM IN HINDI – जानिए क्या है MMS, पूरी जानकारी

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MMS Full Form in Hindi, MMS Ka Pura Naam Kya Hai, MMS क्या है, MMS Ka Full Form Kya Hai, MMS का Full Form क्या है,  MMS meaning, MMS क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

दोस्तों! MMS का नाम तो आपने पहले भी सुना ही होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि MMS full form in Hindi क्या है? यदि नहीं तो MMS के बारे में जानना आपके लिए बेहद लाभदायक हो सकता है क्योंकि यह आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हैं। यदि आप अब तक नहीं जानते कि MMS full form in Hindi क्या है तो हम आपके लिए इस आर्टिकल में MMS full form in Hindi के साथ-साथ इसकी सभी जानकारी लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप इसके बारे में सभी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

MMS full form क्या होता है? इसे जानने के लिए आप इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें क्योंकि यहां हमने MMS full information in Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई है। MMS के अंतर्गत हम निम्नलिखित बातें बताने वाले हैं –

MMS का फुल फॉर्म क्या है? (MMS full form in Hindi)

MMS full form Multimedia Messaging Service होती है, हिंदी में “मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस” के नाम से जाना जाता है।

MMS क्या है? (What is MMS in Hindi?)

MMS को मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस कहा जाता है। यह एक तकनीक है, इसका उपयोग मल्टीमीडिया मैसेज को भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसमें इमेजेज, ग्राफ़िक्स, ऑडियो फाइल्स, वीडियो क्लिप्स और अधिक टेक्स्ट को आसानी से भेजा जा सकता है। इसका उपयोग केवल उन्हीं उपकरणों में किया जा सकता है, जो इसका सपोर्ट कर सकते है।

यह तकनीक मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन, पर्सनल कंप्यूटर, हैंडहेल्ड डिवाइस में सपोर्ट करती है। इसका उपयोग GPRS, 3G और 4G नेटवर्क पर किया जा सकता है। GPRS के द्वारा एमएमएस धीमी गति से जाता है और 3G से यह तेजी के साथ जाता है, 4G से सबसे तेजी के साथ सन्देश भेजा जा सकता है। यह वीडियो स्ट्रीमिंग का समर्थन करता है। पहली बार मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस को Captive Technology के रूप में विकसित किया गया था। इसके द्वारा इमेजेज, ऑडियो और वीडियो फाइल्स को साझा करना आसान किया गया है।

एसएमएस (SMS) और एमएमएस (MMS) में क्या अंतर है? (What is the difference between SMS and MMS in Hindi?)

एसएमएस (SMS)

एसएमएस का फुल फॉर्म शार्ट मैसेजिंग सर्विस है। इसका अविष्कार 1980 में किया गया है। इसका वर्णन 1985 के GSM स्टैंडर्ड्स में परिभाषित किया गया था। यह सबसे अधिक पुरानी तकनीक है, जिसका उपयोग अभी तक किया जा रहा है। वर्तमान समय में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है।

एमएमएस (MMS)

एमएमएस को मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस कहा जाता है।इस तकनीक के द्वारा एसएमएस उपयोगकर्ताओं को मल्टीमीडिया चित्र भेजने की सुविधा प्रदान किया जाता है। इसका उपयोग ऑडियो, फोन संपर्क और वीडियो फ़ाइलों को भेजने के लिए भी किया जाता है।

                  एसएमएस और एमएमएस दोनों को मोबाइल नेटवर्क के द्वारा भेजा जाता है। इसको आरम्भ करने के लिए सम्बंधित मोबाइल नेटवर्क में कोई प्लान को लेना होता है।स्टैण्डर्ड SMS को 160 अल्फाबेट का भेजा जा सकता है।यदि कोई एसएमएस इससे अधिक हो जाता है, तो वह उसकी लम्बाई के अनुसार 160 अल्फाबेट में कई भागों में विभाजित हो जाता है। लगभग सभी मोबाइल नेटवर्क श्रृंखलाबद्ध इसको भेजने की सुविधा प्रदान करते है। इससे यह सभी मैसेज क्रम में आते हैं।

                एमएमएस संदेशों में किसी भी सीमा का निर्धारण नहीं किया गया है। इसका साइज भेजने वाले और प्राप्त करने वाले मोबाइल की क्षमता पर निर्भर करता है।इसमें 300 केबी की फाइल को सबसे बड़ी फाइल के रूप में जाना जाता है।

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MMS का प्रयोग कहाँ होता हैं? (Where is MMS used in Hindi?)

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया कि MMS का प्रयोग आप केवल उसी डिवाइस से कर सकते हैं जिन डिवाइस में mms को सपोर्ट करने कि सुविधा होती हैं। MMS का प्रयोग आप मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट फ़ोन, कंप्यूटर जैसे डिवाइस में आसानी से कर सकते हैं, और इसका लाभ उठा सकते हैं। MMS की सेवा केवल उन्ही डिवाइस को दिया जाता हैं जो पूरी तरह से इसका समर्थन करते हैं। 

कुछ डिवाइस के नाम इस प्रकार से हैं जो इसका (mms) का समर्थन करते हैं- 

• Smart Phones

• Mobile Phone

• Handheld Device

• Tablets 

• Personal Computer

• Personal Digital Cellular etc.

MMS Message Android में on कैसे करे? (How to turn on MMS Message in Android in Hindi?)

अगर आपको कोई Multimedia Messaging Service भेजता है, तो आपको वो Receive नहीं हो पाता, इसलिये आपको आपके mobile phone के setting में जाना होगा, उसमे जाने के बाद एक छोटी सी setting करनी पड़ेगी। आपको Sim Card and Mobile networks पर click करना पड़ेगा।

            उसके बाद आपको एक टिक दिखेगा Always receive MMS उसको आपको ON कर देना है। अगर आप इसको on रखते है तो आपको Message आने में कोई भी problem नहीं आयेगी, आपको कोई  Message भेजता है तो आपको receive हो जायेगा। अभी तक आप समज गए होंगे की MMS Message Android क्या होता है, और इसको on कैसे करते है।

MMS का इतिहास क्या है? (What is the history of MMS in Hindi?)

मल्टीमीडिया संदेश सेवा, Sms Messaging की तकनीक का उपयोग कर बनाई गई थी, जिसे 1984 में पहली बार Captive Technology के रूप विकसित किया गया था।

प्रारंभिक में यह तकनीक Techinal Issue के कारण उपभोक्ता में निराशाओं से ग्रस्त हुई थी। हाल के वर्षों में प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा एमएमएस परिनियोजन ने कई Handset का पता लगा, सामग्री अनुकूलन और बढ़ी हुई क्षमता के माध्यम से शुरुआती चुनौतियों का हल किया है। MMS को एक प्रमुख व्यावसायिक सफलता बनाने के लिए China शुरुआती बाज़ारों में से एक था, लेकिन 2010 से 2013 के बीच MMS Traffic अमेरिका में बहुत तेजी से वृद्धि की।

MMS की शुरुआत कैसे और कब हुई? (How and when did MMS start in Hindi?)

पहला MMS capable phone पहले GSM नेटवर्क के साथ मिलकर 2002 के आसपास launch किया गया था।

Sony erricsson T68i को व्यापक रूप से पहला mms capable phone फोन माना जाता है, जबकि कई और phones 2004 और 2005 में north American markets में launch हुआ।

                MMS messaging धीमी शुरुआत के साथ बंद हो गई, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। इस साल के अंत तक, शोध से पता चलता है कि MMS messaging की संख्या (दुनिया भर में) अनुमानित 276.8 billion तक पहुंच जाएगी।


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