MDH FULL FORM IN HINDI पूरी जानकारी

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MDH Full Form in Hindi, MDH Ka Pura Naam Kya Hai, MDH क्या है, MDH Ka Full Form Kya Hai, MDH का Full Form क्या है,  MDH meaning, MDH क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

दोस्तों ! आपने अपने घरों मे खाना बनाने मे कई तरह के मसालों का उपयोग किया होगा। ये मसाले हमारे व्यंजनों मे जान डाल देते हैं और हमारे व्यंजन स्वादिष्ट बनते हैं। दोस्तों, टेलीविज़न पर आपने कई तरह के मसाले के ऐड भी देखे होंगे, जो कई कम्पनियों के Ad होते हैँ जैसे की गोल्डी मसाले, एवरेस्ट मसाले और MDH मसाले। ये कम्पनियां सिर्फ मसाले बनाने का ही काम करती हैं। तो चलिए दोस्तों आज हम इन्ही में से एक मसाले की कम्पनी MDH मसाले के बारे में जानते हैं। 

MDH का फुल फॉर्म क्या है? (MDH FULL FORM IN HINDI?)

MDH का फुल फॉर्म “MAHASHIAN DI HATTI” होता है। जिसे हिंदी में हम  “महाशय दी हट्टी” कहते हैं। MAHASHIAN DI HATTI को ही शॉर्ट में MDH मसाले का नाम दे दिया गया है। आज MDH मसाले का नाम देश के कोने कोने में फैल चुका है। एवेरेस्ट मसालों के बाद दूसरे स्थान पे MDH का नाम आता है और मसालों में लगभग 12 % हिस्सेदारी के साथ यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी मसाले की कम्पनी है।

MDH कम्पनी अपना कारोबार “MAHASHIAN DI HATTI PRIVATE LTD” के नाम से चलाती है, जो एक मसालों की उत्पादक और सेलर कम्पनी है। MDH कम्पनी का हेडक्वार्टर नई दिल्ली में है। MDH कम्पनी का वर्तमान नेट इनकम करीब 420 करोड़ रुपया है।

MDH का इतिहास क्या है? (What is the history of MDH company in Hindi?)

MDH मसाले का इतिहास बहुत ही पुराना है। इसकी शुरुआत सन 1919 ईस्वी में महाशय चुन्नीलाल गुलाटी के द्वारा  पाकिस्तान के सियालकोट में की गई थी। प्रारम्भिक में इसे बहुत ही छोटे स्तर पे चालू किया गया था और उस समय मसालों को अपने हाथों से कूट कूट कर तथा इसे तैयार कर बेचा जाता था। भारत पाकिस्तान के बंटवारे के समय चुन्नीलाल के बेटे महाश्य धर्मपाल गुलाटी सियालकोट छोड़कर  भारत आ गये।

भारत में आने के बाद वे दिल्ली के करोलबाग में एक छोटी सी दुकान ले ली और वहाँ पे उन्होंने मसालों को बनाने और तैयार कर बेचने का काम शुरु किया। धर्मपाल गुलाटी भी उस समय अपने हाथो से मसालों को कूट कर तैयार करते थे और फिर उन्हें बेचते थे।  धीरे धीरे यह बिज़नेस चल पड़ा और फिर इन्होने सन 1959 में  नई दिल्ली के कृति नगर में एक प्लॉट खरीदा और वहाँ

MDH मसाले की पहली फैक्ट्री डाली। इसके बाद MDH मसालों की चमक पूरे देश मे फैलती गयी। आज MDH मसाले के करीब 15 बड़ी बड़ी फैक्ट्रियां देश के अलग अलग हिस्सों में चल रही हैँ और MDH मसाले घर घर की शान बना हुआ है।

MDH कम्पनी की स्थापना किसने किया? (Who established MDH company in Hindi?)

MDH मसालो की कम्पनी का निर्माण महाशय चुन्नीलाल गुलाटी के द्वारा किया गया था। इसके बाद MDH कम्पनी के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी थे जिन्हें भारत मे इसे शुरु करने का श्रेय दिया जाता है। वर्तमान समय में MDH के सीईओ महाशय धर्मपाल गुलाटी थे जिनकी मृत्यु कुछ हीं समय पूर्व सन 2020 मे हो गयी। ये देश के सबसे वृद्ध CEO भी थे। इनकी मृत्यु के समय इनकी आयु लगभग 97 वर्ष थी।

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MDH मसालों के मालिक कौन है? (Who is the owner of MDH company in Hindi?)

महाशय धर्मपाल गुलाटी का जन्म  27 मार्च 1923 ईस्वी में सियालकोट मे हुआ था। जो भारत पाकिस्तान के बंटवारे के बाद भारत आ गये थे । भारत आने के बाद इनके अथक प्रयास से MDH एक फेमस मसाले की कम्पनी बन गयी।  2017 मे ये देश के सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ थे। उस समय इन्होने 1 साल के 21 करोड़ रुपये लिए थे, उस समय इनकी आयु लगभग 94 साल थी।

इसके 2 साल बाद 16 मार्च 2019 को भारत सरकार द्वारा पदम् भूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया। महाशय धर्मपाल गुलाटी की मृत्यु 3 दिसंबर 2020 ईस्वी मे कार्डियाक अटैक के चलते हुई ,उस समय इनकी आयु 97 साल थी और ये तब भी MDH कम्पनी के सीईओ के पद पर बने हुए थे । ये अपनी सैलरी के लगभग 90% को चैरिटी में दान कर देते थे ।

MDH मसालों की पैकिंग , ऐड और प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी क्या है? (What is the information about packing, advertisement and product about MDH company in Hindi?)

आपने टेलीविज़न पे MDH मसालों का ऐड जरूर देखा होगा ,जिसमे एक बहुत बुढ़ा सा व्यक्ति MDH का प्रचार करता है, ये हैं महाशय धर्मपाल गुलाटी। MDH मसालों की पैकिंग के डब्बों पे भी इन्ही की फोटो लगी हुई होती है। MDH इस समय करीब 62 प्रकार के मसालों का निर्माण करती है । जिसमे सबसे फेमस MDH देगी मिर्च, MDH चना मसाला, किचन किंग, चंकी चाट मसाला, मीट मसाला, कसूरी मेथी, गरम मसाला, राजमा मसाला, शाही पनीर मसाला, दाल मखनी मसाला और सब्जी मसाला आदि प्रमुख हैं। इन सभी मसालों की अपनी अपनी खूबियां और अपना टेस्ट है।

जैसे कि चना मसाला का उपयोग चने की सब्जी बनाने मे कर सकते हैँ जिससे की इसका टेस्ट और भी बढ़ जाता है। शाही पनीर मसाला का उपयोग पनीर की सब्जी मे होता है । इसी तरह हर तरह की सब्जी के अपने विसिष्ट मसाले हैँ जिन्हे MDH खुद तैयार करती हैँ । भारत मे विविध प्रकार के व्यंजनों के चलते इन मसालों की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।  MDH मसालों की पैकिंग ऐसे होती है की ये जल्दी से खराब भी नही होते और इनका टेस्ट भी हमेशा बना रहता है। MDH कुछ अलग प्रकार के प्रोडक्ट भी बेचती है जैसे की सैफ्रोन ।

MDH Company का चैरिटी वर्क क्या है? (What is the charity work of MDH company in Hindi?)

महाशय धर्मपाल गुलाटी जी के नेतृत्व मे MDH कम्पनी ने कई और भी सोसल काम किये हैं। जिसमे से 20 से अधिक स्कूलों का निर्माण किया गया। इन स्कूलों का नाम MDH इंटरनेशनल स्कूल , महाशय चुन्नीलाल सरस्वती शिशु मंदिर ( पिता के नाम पर ), माता लीलावती कन्या विद्यालय ( अपनी धर्मपत्नी के नाम पर ) और महाशय धर्मपाल विद्या मंदिर रखा है। इन्होने 10 बेड का एक आँख का हॉस्पिटल आर्य समाज के लिए खुलवाया। इसके बाद 20 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण जनकपुरी न्यू दिल्ली मे बनवाया।।

इस समय इस हॉस्पिटल मे करीब 300 बेड्स हैं। जो 5 एकड़ की भूमि पर बना हुआ है जहां MRI, CT SCAN, HEART WING, NEURO SCIENCES , IVF जैसी फेसिलिटी प्रदान की गयी है। इस हॉस्पिटल का नाम गुलाटीजी ने अपनी मां चनन देवी के नाम पर रखा है । 

MDH कम्पनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर कौन है? (Who is the managing director and director of MDH company in Hindi?)

धर्मपाल गुलाटी के मृत्यु के पश्चात अभी इस कम्पनी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजीव गुलाटी हैँ और इस कम्पनी की डायरेक्टर श्रीमती ज्योति गुलाटी हैँ ।


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