KYC Full Form In Hindi – जानिए क्या है KYC, पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तों आज आप लोग KYC FULL FORM IN HINDI ? KYC KA PURA NAAM है आप लोगों को इस पोस्ट में बहुत ही आसानी से पता चल जाएगा तो इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़े और देखेगी केवाईसी का फुल फॉर्म क्या होता है! और क्या वैसे का भी उपयोग क्या होता है यह सभी जानकारी आपको अपनी ही भाषा हिंदी में प्राप्त हो जाएगी जैसा कि आप जानते हैं

कि आप किसी भी बैंक में जाते हैं! तो आपको केवाईसी करवाने के लिए पूछते हैं! तो आप लोगों को क्यों ऐसे के बारे में क्या पता चलता है! तो ऐसे ही बहुत सारी बातें आप हम लोगों को इस पोस्ट में पता चलेगी कि केवाईसी कैसे किया जाता है और कैसे करवाया जाता है! जैसा कि आप जानते हैं कि पेटीएम केवाईसी भी होती है!  फोनपे केवाईसी कैसे करा सकते हैं!

इन सभी सवालों के जवाब आपको इस पोस्ट में मिलेगा तो चलिए देख लेते हैं कि केवाईसी का फुल फॉर्म क्या होता है!

KYC FULL FORM IN HINDI

यदि आप नहीं जानते कि केवाईसी फुल फॉर्म क्या है, तो हम आपको बता दें, KYC Full Form – “Know Your Customer” है। KYC Full Form in Hindi – “अपने ग्राहक को जानें” होता है।

KYC Kya Hai? – जानिए केवाईसी से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

जानिए केवाईसी क्या है? आखिर क्यों जरूरी है आपके लिए केवाईसी की प्रक्रिया से गुजरना। KYC से जुड़ी समस्त प्रकार की जानकारियां से इस लेख द्वारा रूबरू हो जाएं।

आज के समय में लगभग सभी लोगों के बैंक खाते जरूर होते है। लोग अपनी जमा पूंजी को बैंक में जमा भी करवाते है और साथ बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी प्रकार की सुविधाओं का फायदा भी उठाते है। बैंक या किसी भी फाइनेंसियल क्षेत्र में इन सुविधाओं से जुड़ने के लिए KYC बहुत ही आवश्यक है, साथ ही यह एक बहुत ही अहम प्रक्रिया है।

KYC एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा बैंक का कंपनी आप से डॉक्यूमेंट  या फिर आधार कार्ड या पेन कार्ड की मांग करती हैं जिससे आपकी केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सके इस प्रक्रिया द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है, की उस बैंक या कंपनी कि सेवाओं का दुरुपयोग कोई और व्यक्ति नहीं कर पाये। इस कारण बैंक आपका केवाईसी अपडेट करने के लिए कहता है

अब आप यह तो जान ही गए होंगे कि KYC क्या है,  KYC का हिंदी में मतलब, अब हम आपको बताएंगे KYC Information in Hindi जिसमें आप जानेंगे KYC कब आवश्यक है? और KYC के लिए आवश्यक दस्तावेज कौन से है।

KYC जानकारी

क्या आप जानते हैं कि KYC क्यों जरूरी है? हो हम बता देते है। कोई भी बैंक या कंपनी KYC अंतर्गत, अपने ग्राहक के पते और उसके बारे में कुछ आवश्यक जानकारियाँ लेनी होती  है जिसकी वजह से आपका पता उस कंपनी से पास रहता है। ताकि कोई व्यक्ति यदि धोखाधड़ी के इरादे से अपनी गलत पहचान बताता है, तो कंपनी या बैंक वाले उस व्यक्ति को पहचान सके ! 

आइए अब हम आपको बताते है, KYC के लिए आवश्यक दस्तावेज कौन कौन से हैं? KYC FULL FORM IN HINDI

KYC के प्रकार :- 

KYC  दो प्रकार का होता है जो निम्नलिखित प्रकार से है। 

  1. EKYC
  2. CKYC

EKYC :- 

इसका पूरा नाम Electronic know your customer होता है। EKYC एक कागज रहित KYC प्रक्रिया होती है जो कस्टमर के बारे में डिजिटल रूप से या यूं कहे तो ऑनलाइन ही बताती है। 

CKYC :- 

इसका पूरा नाम Central know your customer होता है। वैसे KYC तो भारत के लगभग सभी बैंकों में किया जाता है चाहे वह बैंक प्राइवेट बैंक हो या गवर्नमेंट बैंक हो लेकिन जिसका central स्तर पर KYC  किया जाता है उसे CKYC कहते हैं। 

KYC Documents 

Customer Name

Date of Birth

Father’s Name

Mother’s Name

Marital Status

Address Proof

Identity Proof

Contact No

PAN Card

KYC के लिए आपको एक Form दिया जाता है इस Form को भरकर आपको इसके साथ अपना Aadhar Card और Address Proof की Photo Copy भी देनी पड़ती है. जिस भी कार्य के लिए KYC करा रहे है उसे आपको जमा करना पड़ता है।

Important Documents for KYC

  • Voter’s Identity Card
  • Driving Licence
  • Passport
  • Aadhaar Card
  • NREGA Card
  • PAN Card

KYC क्यों आवश्यक है?

वित्तीय लेनदेन के अलावा या फिर बैंक के अलावा KYC की जरूरत बहुत सारे जगह पर होती हैं, जिनके बारे में नीचे हमने आपको सभी जानकारी मुहैया कराई है।

  • पेटीएम फोनेपे और मोबिक्विक जैसे वॉलेट की सेवाएं के लिए भी KYC अनिवार्य है।
  • बैंक अकाउंट ओपन करने के लिए KYC आवश्यक है।
  • बैंक अकाउंट बंद होने के बाद उसे फिर से ओपन करने के लिए भी KYC जरूरी है।
  • म्यूचल फंड अकाउंट में कस्टमर वेरीफाई करने के लिए भी KYC की जरूरत पड़ती है।
  • इसके अलावा गोल्ड खरीदने के लिए और लोन लेने के लिए भी KYC की प्रक्रिया है।
  • इसी तरह न्यू सिम कार्ड लेने के लिए भी KYC आधार कार्ड से करना जरूरी है।

प्यारे दोस्तों आज आपने इस लेख से KYC के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर ली है, जैसे कि KYC क्या है और KYC full form in Hindi।

कहाँ कहाँ चाहिए KYC

Bank में account खोलने के अलावा loan लेने, लॉकर लेने, Credit Card बनवाने, Mutual Fund खरीदने, पोस्ट ऑफिस RD  तथा बीमा आदि लेने पर केवाईसी FOME भरने की आवश्यकता पड़ सकती है. Bank में लेनदेन के लिए और account खुलवाने के लिए KYC फॉर्म भरना अनिवार्य है. यदि आप यह FOME नहीं भरते हैं तो बैंक आपको खता खोलने से मना भी कर सकता है.

KYC क्यों जरुरी है :- 

KYC जरुरी क्यों है इसके निम्नलिखित कारण है जो इस प्रकार से है – 

  • money के नियंत्रण में सहायक होता है। 
  • इससे कस्टमर्स के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है वा कस्टमर्स के बारे में किसी प्रकार की जानकारी को आसानी से प्राप्त कर सकते है। 
  • धोखा-धड़ी वा चोरी-डकैती जैसी घटनाओं की संभावना कम हो जाती है। 
  • वित्तीय सुविधा मिलने पर कस्टमर्स को पहचानने में मदद मिलती है।

KYC के लाभ  :- 

KYC से हमें बहुत से प्रकार के लाभ होते है जो निम्नलिखित प्रकार से है। 

  • ये सुविधा सभी कस्टमर्स के लिये free होती है। 
  • इसकी मदद से Banak वालो को अपने कस्टमर्स के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाती हैं। 
  • बैक वालो को अपने कस्टमर्स को ढूंढ़ने में मदद मिलती है। 
  • इसकी मदद से धोखा-धड़ी वा चोरी जैसे घटनाओं की संभावनाएं कम हो जाती है।
  • इसकी processing बहुत हीं तेज़ होती है, जिससे बहुत कम समय लगता है और बहुत हीं कम समय में बैंक account खुल जाता है तथा mobile सिम का वेरिफिकेशन भी जल्दी हो जाता है। 

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KYC का मतलब क्या होता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि KYC की फुल फॉर्म Know Your Customer होती है. जिसका हिंदी में अर्थ होता है कि अपने ग्राहक को पहचानना. … इन सबके अलावा जब हम सिम कार्ड लेते हैं तो अपनी पहचान के लिए हम अपना आधार कार्ड वेरीफाई करते हैं इस प्रक्रिया को भी KYC कहते हैं.

KYC कैसे होता है?

KYC का फुलफॉर्म Know Your Customer होता है। मतलब अपने ग्राहक को जानने का प्रपत्र। … इस केवाईसी फॉर्म में अपना नाम, बैंक अकाउंट का नंबर, पैन कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर और पूरा पता भरना होता है। इस तरह बैंक को ग्राहक की सभी जानकारियां प्राप्त हो जाती है।

केवाईसी क्यों कराया जाता है?

यहां जानने का मतलब है कि कस्टमर को वेरीफाई करने में सुविधा होती है. बैंक यह जानना चाहता है कि उसके जरिये होने वाली लेन-देन में कोई गड़बड़ी तो नहीं. बैंक से कस्टमर को किसी भी प्रकार की वित्तीय सुविधा लेनी है तो केवाईसी के जरिये बैंक अपने ग्राहक को वेरीफाई करता है

Conclusion

तो दोस्तों, आपको kyc के बारे में जानकारी हिंदी में। अच्छी लगी होगी हमे उम्मीद है इस पोस्ट को पढ़ कर आप kyc full form In Hindi (kyc मीनिंग इन हिंदी) समझ गए होंगें और अब अगर आपसे कोई पूछेगा कि kyc का मतलब क्या होता है? तो अब आप उसे kyc मीनिंग इन हिंदी बता सकेंगे।

अगर आपको हमारा ये kyc Information In Hindi पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी ज़रूर Share कीजिए और अगर आपके पास हमारे लिए कोई सवाल हो, तो उसे Comment में लिख कर हमें बताए।

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