GPS FULL FORM IN HINDI – जानिए क्या है GPS, पूरी जानकारी

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GPS Full Form in Hindi, GPS Ka Pura Naam Kya Hai, GPS क्या है, GPS Ka Full Form Kya Hai, GPS का Full Form क्या है,  GPS meaning, GPS क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

दोस्तों! GPS का नाम तो आपने पहले भी सुना ही होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि GPS full form in Hindi क्या है? यदि नहीं तो GPS के बारे में जानना आपके लिए बेहद लाभदायक हो सकता है क्योंकि यह आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हैं। यदि आप अब तक नहीं जानते कि GPS full form in Hindi क्या है तो हम आपके लिए इस आर्टिकल में GPS full form in Hindi के साथ-साथ इसकी सभी जानकारी लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप इसके बारे में सभी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

GPS full form क्या होता है? इसे जानने के लिए आप इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें क्योंकि यहां हमने GPS full information in Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई है। GPS के अंतर्गत हम निम्नलिखित बातें बताने वाले हैं –

GPS का फुल फॉर्म क्या है? (GPS full form in Hindi)

GPS full form Global Positioning System होता है।

GPS क्या है? (What is GPS in Hindi?)

आप ने अक्सर अपने फ़ोन में जीपीएस का इस्तेमाल किया होगा। आप ये भी जानते भी होंगे ये आपकी पोजीशन बताता है? पर क्या इसके अतिरिक्त आप इसके बारे में कुछ जानते हैं। आज हम आपको जीपीएस के बारे में पूरी जानकारी देंगे। जीपीएस, जिसका मतलब ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम है, एक रेडियो नेविगेशन प्रणाली है जो दुनिया में कहीं भी, सभी मौसम की स्थिति में जमीन, समुद्र और हवाई उपयोगकर्ताओं को उनके सटीक स्थान, वेग और दिन के 24 घंटे का समय निर्धारित करने की अनुमति देता है।

आज की प्रणाली की क्षमताओं को अन्य प्रसिद्ध नेविगेशन और पोजिशनिंग “टेक्‍नोलॉजीज” प्रदान करती हैं – आमतौर पर मैग्‍नेटिक कम्पास, सेक्स्टैंट, क्रोनोमीटर और रेडियो – आधारित डिवाइस-अव्यवहारिक और अप्रचलित। जीपीएस का उपयोग सैन्य, वाणिज्यिक और उपभोक्ता एप्‍लीकेशन की एक विस्तृत श्रृंखला का समर्थन करने के लिए किया जाता है।

GPS का उपयोग कैसे करें? (How to use GPS in Hindi?)

वैसे तो GPS के बहुत से Uses हैं, लेकिन यहाँ पर हम प्रमुख पांच key uses के विषय में जानेंगे।

1. Location — एक Position को पहचानना।

2. Navigation — एक Location से दुसरे में तक जाना।

3. Tracking — Monitoring करना object या personal movement को।

4. Mapping — दुनियाभर की Maps Create करना।

5. Timing — इसकी मदद से मुमकिन करना precise time measurements को।

GPS आज के समय में काफ़ी ज्यादा उपयोगी चीज़ है, वहीँ इसका इस्तमाल बहुत से industries में किया जाता है वो भी accurate surveys और maps तैयार करने के लिए, precise time measurements लेने के लिए, position या location को track करने के लिए, और साथ में navigating करने के लिए हमारे transportation vehicles से।

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GPS काम कैसे करता है? (working of GPS in hindi?)

जीपीएस के काम करने के तरीके को समझने के लिए पहले आपको ये जानना जरुरी है की आपका फोन किन किन चीज़ों से जुड़ा होता है। आपका फोन तीन चीज़ों से जुड़ा होता है तभी वो आपकी लोकेशन को बता पाता है।

• जीपीएस सॅटॅलाइट (GPS Satellite)– आप को जान कर हैरानी हो सकती है कि एक जीपीएस चार सॅटॅलाइट से ज़ुडा हुआ होता है। ये सॅटॅलाइट ही आपकी पोजीशन को बताने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होती है। दरअसल यह आप के फ़ोन से भेजे गए सिग्नल के कोआर्डिनेट रिकॉर्ड कर लेती है।

• ग्राउंड कण्ट्रोल स्टेशन (ground control system)– इसका उपयोग इसकी कार्यषाली को नियरिट या निगरानी के लिए किया जाता है। यह  सुनिश्चित करता है कि ऑर्बिट से सैटेलाईट्स के विचलन और साथ-साथ जीपीएस टाइमिंग टॉलरेंस लेवल के भीतर हैं।

• जीपीएस रिसीवर (GPS receiver)– यह रिसीवर कुछ और नहीं बल्कि आप के फ़ोन और आपकी गाड़ियां होती है जहाँ से जीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसकी प्रक्रिया को समझने का प्रयास करतें है। हमारा फ़ोन या कोई भी गाडी जिससे आप जीपीएस का प्रयोग करना चाहते हो वो रिसवीर की तरह काम करता है। दरअसल यह पहले अपनी नजदीकी 4 सॅटॅलाइट से जुड़ता है और जुड़ने के साथ ही सॅटॅलाइट इसके कोआर्डिनेट को वापस फ़ोन तक भेज देती है, जिससे लोकेशन का पता चल जाता है।

GPS का इतिहास क्या है? (What is the history of GPS in Hindi?)

 वर्ष 1983 में एक कोरियन फ्लाइट सोवियत संघ की तरफ जा रहा था। उस समय aeroplane में GPS सिस्टम नहीं हुआ करता था। क्योंकि GPS केवल अमेरिका की फौज के लिए बनाया गया था। इस प्लेन में कुल 279 लोग सवार थे लेकिन गलती से यह प्लेन सोवियत संघ के प्रतिबंधित क्षेत्र में चला गया जिसके कारण इसे सोवियत संघ की फौज द्वारा मार गिराया गया। इस घटना के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति “Ronald Reagan” ने फैसला किया कि GPS को पुरे विश्व में Publicly provide करवाया जायेगा।

                      GPS को पूरी पृथ्वी पर प्रोवाइड करने के लिए 24 सेटेलाइट की जरूरत पड़ती है। पहली सेटेलाइट 1989 को तथा 24 वी सेटेलाइट 1994 में लांच की गई थी। 1995 में GPS को पहली बार आम पब्लिक के लिए Open किया गया लेकिन उस वक्त इसकी accuracy इतनी परफेक्ट नहीं थी।

विश्व के GPS सिस्टम क्या है? (What is the world’s GPS system?) 

GPS सर्विस अमेरिका द्वारा प्रदान की जाती है। जिसे अमेरिका अपनी मर्जी के अनुसार चालू और बंद कर सकता है। 1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध के दौरान अमेरिका ने भारत की GPS की सर्विस देने से मन कर दिया था ऐसी परिस्थिति किसी और देश के साथ नहीं हो इस कारण बहुत सारे देशों ने अपने-अपने GPS सिस्टम लांच किये है। जैसे- 

• रूस –    Global Navigation Satellite System

• यूरोप –    Galileo Positioning System(GPS)

• चीन    – BeiDou Navigation Satellite System (BDS)

• भारत – NAVIC

जीपीएस का उद्देश्य क्या है? (What is the purpose of GPS in Hindi?)

जीपीएस कई अलग-अलग उद्योगों में व्यवसायों और संगठनों के लिए एक शक्तिशाली और भरोसेमंद टूल है। सर्वेयर, वैज्ञानिक, पायलट, नाव के कप्तान, पहले उत्तरदाता, और खनन और कृषि में श्रमिक, कुछ ऐसे लोग हैं जो काम के लिए दैनिक आधार पर जीपीएस का उपयोग करते हैं। वे सटीक सर्वेक्षण और मैप तैयार करने, सटीक समय माप लेने, स्थिति या स्थान पर नज़र रखने और नेविगेशन के लिए GPS जानकारी का उपयोग करते हैं। जीपीएस हर समय और लगभग सभी मौसम स्थितियों में काम करता है।


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