April 22, 2021
ftp full form

FTP FULL FORM IN HINDI ? FTP KA PURA NAAM

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FTP Full Form in Hindi, FTP Ka Pura Naam Kya Hai, FTP क्या है, FTP Ka Full Form Kya Hai, FTP का Full Form क्या है,  FTP कैसे होता है, FTP क्या क्या कार्य होता है।आज इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

FTP FULL FORM IN HINDI

FTP का full form File Transfer Protocol होता है (FTP Full Form in Hindi)

F. T. P क्या है?

दोस्तों F.T.P यानी कि file transfor protocol एक browser क्लाइंट प्रोग्राम है जिसकी मदद से आप आसानी से एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फाइलों का ट्रांसफर कर सकते हैं एफटीपी एप्लीकेशन लेयर का एक फंक्शन है जिसे क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर पर बनाया गया है वेब ब्राउज़र जोकि Claint के रूप में कार्य करता है और क्लाइंट कम्युनिकेशंस को कंट्रोल करता है जबकि सर्वर फाइलों को transmit करता है, एफटीपी के जरिए आप एक सर्वर पर फ़ाइलों को downlod/delete और upload/erase कर सकते हैं। FTP Full Form in Hindi

दोस्तों अगर आप अपनी कोई निजी वेबसाइट बनाने की सोच रहे हैं तो इसमें. F. T. P आपकी मदद करेगा, वह कैसे आइए जानते हैं –

जब कोई व्यक्ति वेबसाइट बनाता है और फिर उसे उस वेबसाइट की फाइलों को सर्वर पर अपलोड करना होता है और उसके लिए एफटीपी फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जाता है जो सर्वर पर large फाइलों व डाटा को upload, download, moov and copy, delete करने में मदद करता है यानी कि आपकी वेबसाइट में जितना भी डाटा है उस डाटा को F.T.P के जरिए एक समय में ही एक जगह पर रखा जा सकता है, और ट्रांसफर भी किया जा सकता है। FTP Full Form in Hindi

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F. T. P की शुरुआत

 दोस्तों एफटीपी का शुरुआत  में उपयोग APPANET NETWORK CONTROL PROGRAM यानी कि NCP पर सर्वर और कंप्यूटर के बीच में एक सुरक्षित तरीके से फाइल ट्रांसफर करने में किया जाता था। दोस्तों जानकारी के लिए आपको बता दें कि FTP को सबसे पहले अभय भूषण ने 1971 में डवलप किया था और उन्होंने यह MIT में पढ़ाई करते वक्त डवलप किया था, एफटीपी में समय के साथ-साथ बदलाव देखने को मिले,जैसे -जैसे तकनीकों में बदलाव हुए वैसे वैसे NCP के स्थान पर TCP/IP यानी की मॉर्डन इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाने लगा और धीरे-धीरे इंटरनेट में बदलाव के साथ ही FTP को भी अपडेट किया जाता रहा। FTP Full Form in Hindi

F. T. P से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें 

दोस्तों अब बात करते हैं कि FTP फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल आखिर कैसे काम करता है।

दोस्तों जैसा कि आप सभी को पता है कि कंप्यूटर डाटा को संग्रहित करने और डाटा के आदान- प्रदान करने का एक सबसे महत्वपूर्ण साधन है।

F. T. P में एक सर्वर बनाया जाता है जिसके अंदर सारी फाइलों और डाटा को स्टोर किया जाता है और इस सर्वर में वह सारी फाइल्स उपलब्ध रहती हैं जो लोगों तक शेयर करनी होती है उसके बाद जितने भी कंप्यूटर्स यूजर हैं चाहे वह अमेरिका में हो या फिर यूरोप में या फिर दुनिया के किसी भी हिस्से में हो, वे लोग FTP सर्वर से इंटरनेट की मदद से कनेक्ट हो सकते हैं, दोस्तों F.T. P सर्वर को URLकी मदद से एक्सेस किया जाता है इसका url उदाहरण के लिए ftp.mahendrakumar. com हो सकता है, जो url आपकी मदद करता है F.T.P सर्वर तक पहुंचने में,

दोस्तों इसके अलावा आप F.T. P क्लाइंट की कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करके F. T. P सर्वर तक पहुंच सकते हैं आप इन एफटीपी क्लाइंट कि इन एप्लीकेशन के जरिए  F. T. P सर्वर तक पहुंच सकते हैं यह एप्लीकेशंस है जैसे-filezila, GFTP, wnsep, cyberdex।

दोसा F. T. P की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वहां पर एक साथ दो कनेक्शन होते हैं पहला कनेक्शन कंट्रोल के लिए और दूसरा कनेक्शन डाटा के लिए होता है।

आइए इसे भी थोड़ा डिटेल में जान लेते हैं आप में से ज़्यदातर लोग तो स्मार्टफोंस का यूज़ करते ही होंगे आपने कई बार अपने फोन से कुछ फाइल्स जैसे- कुछ इमेजेस या फिर किसी वीडियोस को ब्लूटूथ या फिर वाईफाई की मदद से ट्रांसफर तो किया ही होगा और आपने एक बात गौर भी की होगी कि जो डाटा आपके फोन से  दूसरे के फोन में शेयर किया जा रहा है वह अगर किसी कारण से send नहीं होता तो ऐसे में आपको उसकी सूचना मिल जाती है या फिर आपके फोन में यह लिखा आ जाएगा “file transfer problem” ठीक इसी प्रकार FTP TCP यानि कि Transmission Control Protocol(TCP) पर काम करता है और इसमें इस बात का ख्याल रखा जाता है कि फाइल ट्रांसफर हुई या नहीं अगर फाइल ट्रांसफर नहीं हुई तो आपको इसकी सूचना आपके कंप्यूटर पर मिल जाएगी कि अपनी फाइल को दोबारा सेंड करिए। FTP Full Form in Hindi

F. T. P कैसे काम करता है? 

एफटीपी के अंदर फाइल ट्रांसफर करने के लिए क्लाइंट द्वारा पोर्ट नंबर 21 पर कंट्रोल कनेक्शन शुरू किया जाता है और फिर कनेक्शन स्थापित करने के बाद क्लाइंट द्वारा कमांड भेजे जाते हैं और फिर उसके बाद क्लाइंट के कमांड्स के अनुसार सर्वर पोर्ट नंबर पर डाटा कनेक्शन शुरू करता है और उसके बाद इसी डाटा कनेक्शन के जरिए फाइलों को ट्रांसफर किया जाता है।

F. T. P दो प्रमुख मॉडल पर काम करता है और अब आगे जान लेते हैं कि वह कौन से दो मॉडल है जिन पर F. T. P  काम करता है इसमें पहला मॉडल Active model है और दूसरा मॉडल passive model है।

•Active model

दोस्तों एक्टिव मॉडल के अंदर क्लाइंट किसी भी पोर्ट नंबर का इस्तेमाल करके एफटीपी सर्वर के पोर्ट 21 पर कनेक्ट हो जाता है यानी कि इसके जरिए कंट्रोल कनेक्शन ओपन हो जाता है। FTP Full Form in Hindi

फिर इसके बाद अगले क्रम में क्लाइंट द्वारा अपना पोर्ट नंबर सर्वर को बताया जाता है और यह पोर्ट नंबर वही नंबर है जिस पर डाटा कनेक्शन को स्थापित किया जाता है और फिर उसके अगले क्रम में क्लाइंट का पोर्ट नंबर प्राप्त होने के बाद सरवर अपने पोर्ट 20 से क्लाइंट के पोर्ट नंबर पर डाटा कनेक्शन को ओपन कर देता है।

•passive model 

दोस्तों passive मॉडल वह मॉडल है जिस मॉडल मैं क्लाइंट किसी भी पोर्ट नंबर से एफटीपी सर्वर के पोर्टल एक पर कमांड कनेक्शन को ओपन कर सकता है।

फिर उसके अगले क्रम में एफटीपी क्लाइंट द्वारा कमांड कनेक्शन के जरिए सर्वर को PASV कमांड भेजी जाती है और फिर एफटीपी सर्वर उसी कमांड कनेक्शन के द्वारा अपना पोर्ट नंबर क्लाइंट को बताता है।

इसके बाद अगले क्रम में F. T. P क्लाइंट की तरफ से क्लाइंट के पोर्टल पर और सर्वर द्वारा बताए गए पोर्ट नंबर के बीच कनेक्शन को ओपन कर दिया जाता है । FTP Full Form in Hindi


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