BDS FULL FORM IN HINDI – जानिए क्या है BDS, पूरी जानकारी

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BDS Full Form in Hindi, BDS Ka Pura Naam Kya Hai, BDS क्या है, BDS Ka Full Form Kya Hai, BDS का Full Form क्या है,  BDS meaning, BDS क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

दोस्तों! BDS का नाम तो आपने पहले भी सुना ही होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि BDS full form in Hindi क्या है? यदि नहीं तो BDS के बारे में जानना आपके लिए बेहद लाभदायक हो सकता है क्योंकि यह आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हैं। यदि आप अब तक नहीं जानते कि BDS full form in Hindi क्या है तो हम आपके लिए इस आर्टिकल में BDS full form in Hindi के साथ-साथ इसकी सभी जानकारी लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप इसके बारे में सभी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

BDS full form क्या होता है? इसे जानने के लिए आप इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें क्योंकि यहां हमने BDS full information in Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई है। BDS के अंतर्गत हम निम्नलिखित बातें बताने वाले हैं –

1. BDS का फुल फॉर्म क्या है?(BDS Full Form in Hindi) 

BDS का फुल फॉर्म Bachelor of Dental surgery (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) होता है तथा इसे हिंदी में दंत चिकित्सा सर्जरी के स्नातक भी कहते हैं परंतु अधिकांश लोग इसे BDS के नाम से ही पुकारते हैं।

2. BDS क्या है? (What is BDS in Hindi?)

मेडिकल फील्ड में एमबीबीएस के बाद बीडीएस यानी कि बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी दूसरा सबसे बड़ा तथा फेमस कोर्स होता है। यह कोर्स 5 साल का होता है तथा यह अंडरग्रेजुएट कोर्स होता है जिसमें दांत के बारे में पढ़ाया जाता है। 5 साल के इस कोर्स में 4 साल प्रेक्टिकल तथा थियोरेटिकल मेथड से दांतो से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाती है तथा बाकी के 1 साल में कंपलसरी इंटर्नशिप दिया जाता है।

इस कोर्स को पूरा करने के बाद स्टूडेंट को डॉक्टर की उपाधि प्रदान की जाती है तथा उसे दांतो से जुड़ी बीमारियों का इलाज करने की अनुमति दी जाती है। भारत देश में डेंटल कोर्स को डीसीआई या फिर डेंटल काउंसलिंग ऑफ इंडिया रेगुलेट करती है। भारत में डेंटल कॉलेजों की संख्या 313 है जबकि इन कॉलेजों में लगभग 28000 के करीब सीट होते हैं।

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3. BDS करने के लिए शैक्षाणिक योग्यता क्या होनी चाहिए? (What is the educational qualification required to do BDS in hindi) 

यदि आप यह कोर्स करना चाहते हैं तो इस कोर्स के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण योग्यताओं को जानना आवश्यक है तभी आप इस कोर्स को आसानी से कर सकते हैं इसलिए आज हम आपको इसके कुछ निम्न प्रकार की योग्यताओं की जानकारी देंगे

A. सबसे पहले आपको दसवीं कक्षा में काफी अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होगा।

B. उसके बाद 12th में अच्छे अंको से उत्तीर्ण होना होगा। 12वीं कक्षा में आपके 50% से अधिक अंक आने चाहिए।

C. यदि आप इन योग्यताओं को सही रूप से पूरा करते हैं तो आप इस कोर्स के लिए अपना आवेदन कर सकते हैं।

4. बीडीएस पाठ्यक्रम के लिए पात्रता(उपयुक्तता) क्या है? (What is the eligibility for BDS Course in hindi) 

A. भारत देश में बीडीएस का कोर्स 12वीं यानी कि इंटरमीडिएट के बाद किया जाता है।

B. इंटरमीडिएट में स्टूडेंट्स का केमिस्ट्री बायोलॉजी फिजिक्स आदि सब्जेक्ट में 50% से अधिक मार्क्स होना आवश्यक है।

C. रिजर्व कैटेगरी के स्टूडेंट के लिए 40% मार्क्स लाना आवश्यक है।

D. बीडीएस में एडमिशन लेने के वक्त स्टूडेंट्स की उम्र कम से कम 17 साल होना आवश्यक है तथा इसके साथ नीट एंट्रेंस एग्जाम में क्वालीफाई करना आवश्यक होता है।

5. BDS कोर्स की अवधि कितनी हैं? (What is the BDS Course Duration in hindi) 

बीडीएस कोर्स की अवधि 3 या फिर 5 साल की होती है क्योंकि ऐसे कई सारे कॉलेज है जहां पर यह कोर्स 3 साल में पूरा करवाया जाता है जबकि कुछ कॉलेजों में इस कोर्स को पूरा कराने में 5 साल का समय लग जाता है। आप किस तरह के कॉलेज आवेदन देते हैं उसी के आधार पर आपके कोर्स की अवधि निर्धारित होती है।

6. BDS कोर्स की फीस कितनी हैं? (What are the fees of BDS course in hindi) 

BDS कोर्स के लिए सभी तरह के कॉलेजों तथा यूनिवर्सिटी में अलग-अलग तरह की फीस ली जाती है। बीडीएस कोर्स की फीस लगभग 8 लाख से ₹1000000 तक होती है। इसी वजह से इनकी फीस की जानकारी आप अपने यूनिवर्सिटी या कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट पर पता लगा सकते हैं।

7. BDS कोर्स करने के क्या क्या फायदे है? (What are the benefits of doing BDS course in hindi)

बीडीएस (BDS) कोर्स करने के कई सारे अलग-अलग तरह के फायदे होते हैं जिसमें से आज हम कुछ फायदों के बारे में जानेंगे।

A. बीडीएस (BDS) कोर्स करने के बाद आप प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में डेंटल सर्जन डेंटल असिस्टेंट या फिर प्रोफेसर तथा पैथोलॉजिस्ट आदि की नौकरी पा सकते हैं।

B. बीडीएस (BDS) कोर्स करने के बाद आपको नौकरी के लिए एक लाइसेंस भी प्रदान किया जाता है।

C. बीडीएस (BDS) कोर्स करने के बाद आप खुद का अपना एक छोटा या बड़ा क्लीनिक खोल सकते हैं इसके लिए किसी भी तरह का ऑब्जेक्शन नहीं लगाया जाएगा।

D. इस कोर्स को करने से आप अंडर ग्रेजुएट बन जाते हैं तथा इस कोर्स को पूरा करने के बाद आप एक दंत रोग विशेषज्ञ कहलाते हैं।

E. इस कोर्स को करने से आपको बड़े-बड़े अस्पतालों में नौकरी मिल जाएगी तथा एक अच्छा वेतन भी दिया जाएगा। 

इन सभी फायदों के अलावा भी बीडीएस कोर्स के और भी कई तरह के अलग-अलग फायदे होते हैं।

8. BDS कोर्स का दायरा क्या है? (What is the scope of BDS Course in hindi) 

A. भारत देश में डेंटल सर्जरी से रिलेटेड बीडीएस एकमात्र कोर्स होता है इसलिए 10 से जुड़ी बीमारी का इलाज के लिए बीडीएस कोर्स करना आवश्यक होता है।

B. भारत देश में लोगों की शिक्षा का स्तर बढ़ने के साथ उनके ओरल हाइजीन कि समझ भी बढ़ती जा रही है जिस कारण अधिकांश लोग अपने दांतों की देखभाल तथा सही इलाज के लिए डेंटिस्ट के पास जाते हैं।

C. अधिकांश लोगों का डेंटिस्ट के पास जाने के कारण डेंटिस्ट की डिमांड तथा उनकी रोजाना की कमाई में भी सकारात्मक फर्क देखने को मिलता है।

D. बीडीएस करने वाले सभी छात्र प्राइवेट या सरकारी सेक्टर में एक अच्छी कमाई कर रहे हैं।

E. इस कोर्स के इंटर्नशिप के समय कोई छात्र 15000 से ₹25000 तक कमाई कर सकता है तथा उससे परमानेंट जॉब मिल जाने पर वह 50000 से 100000 तक की भी सैलरी प्राप्त कर सकता है।

F. कई सारे ऐसे छात्र है जो हायर एजुकेशन यानी कि मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स के लिए जाते हैं जिस कारण उन्हें जॉब लगने के चांस तथा एक अच्छी सैलरी मिलने का चांस और अधिक बढ़ जाता है।

G. कई सारे ऐसे बीडीएस स्टूडेंट्स है जो अपना खुद का क्लीनिक शुरू करके भी एक अच्छी कमाई कर रहे हैं।


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