May 18, 2021
aids full form

AIDS FULL FORM IN HINDI ? AIDS KA PURA NAAM

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AIDS Full Form in Hindi, AIDS Ka Pura Naam Kya Hai, AIDS क्या है, AIDS Ka Full Form Kya Hai, AIDS का Full Form क्या है,  AIDS कैसे होता है, AIDS क्या क्या कार्य होता है।आज इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा। 

दोस्तों AIDS के बारे में जानने से पहले हमें एड्स की फुल फॉर्म जाननी जरूरी है क्योंकि जब हम एड्स की फुल फॉर्म सही से जान लेंगे तभी हम AIDS को भी सही से जान पाएंगे 

AIDS FULL FORM IN HINDI

एड्स का पूरा नाम Acurired immuno deficiency sydrome है, एड्स को हिंदी भाषा में उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता न्यूनता) संलक्षण( सिंड्रोम) कहा जाता है।

एड्स AIDS क्या है?

AIDS एक असंक्रामक रोग है जो विषाणु द्वारा फैलता है यानी कि वायरस द्वारा फैलता है जिस वायरस से एड्स रोग फैलता है उसका नाम रेट्रोवायरस (retroviruses) है AIDS रोग रेट्रोवायरस के संक्रमण से होता है और रेट्रोवायरस को एड्स के वायरस के नाम से भी जाना जाता है दोस्तों एड्स के रेट्रोवायरस नामक वायरस को हम एचआईवी(HIV) के नाम से भी जानते हैं एचआईवी का मतलब होता है HIV=human immunodeficiency virus,

एचआईवी (HIV)के इस वायरस को हिंदी में मानव प्रतिरक्षा न्यूनता (अपूर्णता )वायरस कहते हैं।

दोस्तों एड्स (AIDS )एक लाइलाज बीमारी है जो एचआईवी(HIV )के वायरस के कारण होता है और एचआईवी का यह वायरस शरीर के t4 -लिंफोसाइट्स कोशिकाए व प्रतिरक्षा तंत्र को नष्ट कर देता है। AIDS Full Form in Hindi,

दोस्तों जानकारी के लिए आपको बता दूं कि जो लिंफोसाइट्स कोशिकाएं होती हैं यह कोशिकाएं प्रतिरक्षा कोशिकाएं होती हैं इसका मतलब यह है कि यह हमारे शरीर को बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है

इसी कारण लिंफोसाइट्स कोशिकाओं को सुरक्षा तंत्र की कोशिकाएं भी कहा जाता है, आपने अक्सर यह ख्याल भी किया होगा कि जब कभी आप को बुखार या कुछ ऐसी बीमारी हो जाती है लेकिन कुछ दिनों तक आप अगर दवाई ना भी लो तो भी खुद ब खुद  स्वस्थ हो जाते हो, तो आपके बगैर दवाई के भी स्वस्थ होने का कारण यही लिंफोसाइट्स कोशिकाएं हैं जो आपके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और आपके शरीर को एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है लेकिन एचआईवी (HIV)का यह वायरस इन्हीं लिंफोसाइट्स कोशिकाओं को ही नष्ट करता है जिस कारण एड्स एक लाइलाज बीमारी बन चुका है।

AIDS संक्रमण के लगभग 12 हफ्ते बाद की गई खून की जांच से यह पता चलता है कि किसी को एड्स है या नहीं अगर एचआईवी एड्स का विषाणु शरीर में प्रवेश कर जाए तो  उस व्यक्ति को एचआईवी पॉजिटिव कहा जाता है जिसके शरीर में एचआईवी का यह विषाणु प्रवेश कर गया है।

एचआईवी (HIV )का यह विषाणु रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने वाली कोशिकाओं को क्षति पहुंचाकर हमारे दिमाग की कोशिकाओं को भी प्रभावित करता है और फिर धीरे-धीरे उन्हें भी नष्ट कर देता है, इस बीमारी में व्यक्ति धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है और लगभग 5-8 वर्षों तक तो यह स्थिति हो जाती है कि एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति का शरीर छोटी मोटी आम बीमारियों से भी खुद की रक्षा तक नहीं कर पाता है और अलग -अलग प्रकार की बीमारियों से ग्रसित होने लगता है व्यक्ति की इसी ज़ीर्ण -क्षीर्ण अवस्था को ही एड्स  कहा जाता है। AIDS Full Form in Hindi,

HIV FULL FORM IN HINDI ? HIV KA PURA NAAM

HIV वायरस AIDS की खोज

दोस्तों एचआईवी वायरस की खोज सर्वप्रथम डॉ मोंटेग्नर (montagnier )ने सहलिंगी (homosexual ) पुरुषों के लिंफो नोडस में इसे देखा था और इसे नोट्स से अलग किया था और बाद में इसे lAV नाम दिया था।

LAV को अंग्रेजी में lymphadenopathy-associated virus कहां जाता है और इसे ही बाद में एचआईवी का नाम दिया गया। AIDS Full Form in Hindi,

AIDS रोग कैसे फैलता है

दोस्तों AIDS रोग कैसे फैलता है इसके बारे में जानकारी देने से पहले मैं आपको एड्स से जुड़ा हुआ एक आंकड़ा बता देता हूं एक सर्वे के मुताबिक यह पाया गया कि विश्व में लगभग 35 लाख से ज्यादा व्यक्ति एड्स से संक्रमित हैं और हैरानी वाली बात तो यह है कि इसमें 15 लाख से भी ज्यादा लोग सिर्फ अमेरिका में ही ग्रषित हैं।

AIDS के फैलने का सबसे बड़ा कारण किसी भी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाना है,  एचआईवी (HIV)वायरस एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के वीर्य में पाया जाता है और इसी कारण कोई व्यक्ति अगर संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाता है तो उसके शरीर में भी एचआईवी का यह वायरस प्रवेश कर जाता है और वह व्यक्ति भी एचआईवी पॉजिटिव हो जाता है, तो इस प्रकार लैंगिक सहवास द्वारा ही एचआईवी ऐड्स सबसे ज्यादा फैलता है। AIDS Full Form in Hindi,

• AIDS रोग फैलने का दूसरा सबसे बड़ा कारण संक्रमित सुई के दोबारा प्रयोग से है यदि किसी व्यक्ति को एड्स है और यदि उस व्यक्ति के खून की जांच के लिए जिस सुई का इस्तेमाल किया जा रहा है और यदि उसी सुई का इस्तेमाल दोबारा किसी ऐसे व्यक्ति पर किया जा रहा है जिसे एड्स नहीं है तो ऐसे में उस व्यक्ति के भी शरीर में उसी सुई के जरिए एचआईवी का वायरस प्रवेश कर जाएगा और वह सही और स्वस्थ व्यक्ति भी एचआईवी एड्स की चपेट में आ जाएगा।

• संक्रमित व्यक्ति के रुधिर को यदि स्वस्थ व्यक्ति को दे दिया जाए तो उस व्यक्ति को भी एचआईवी एड्स(HIV AIDS )हो जाएगा जिसे संक्रमित रुधिर दिया गया है,  इसे संक्रमित रुधिर आधान कहते हैं।

• आपने ड्रग्स के बारे में तो सुना ही होगा इस दुनिया में काफी लोग इस ड्रग्स के आदी हो चुके हैं यह एक प्रकार का नशा है और इस ड्रग्स का नशा लोग अलग-अलग प्रकार से करते हैं, कोई सूंघकर तो कोई इंजेक्शन के जरिए ऐसे में यदि कई लोगों का समूह एक साथ इंजेक्शन द्वारा ड्रग्स लेता है और यदि उन व्यक्तियों में से कोई  भी एचआईवी ऐड्स से संक्रमित है तो वह उस संक्रमित व्यक्ति से सभी व्यक्तियों में फैल जाएगा।

• एचआईवी AIDS के फैलने का एक बड़ा कारण प्रसव के दौरान माता से उसके बच्चे में होता है यदि माता पहले सही एचआईवी संक्रमित है तो ऐसे में माता से शिशु को एचआईवी एड्स हो जाएगा।

• एचआईवी संक्रमित अंग प्रत्यारोपण से भी एड्स फैलता है यदि कोई व्यक्ति पहले से ही एचआईवी पॉजिटिव है तो ऐसे में अंग प्रत्यारोपण द्वारा भी एचआईवी वायरस एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में फैल सकता है।

• यदि एक बार कोई व्यक्ति एचआईवी एड्स से संक्रमित हो गया है तो वह धीरे -धीरे एक भयंकर संक्रमण और दर्दनाक मृत्यु की ओर बढ़ने लगता है।

DNA FULL FORM IN HINDI ? DNA KA PURA NAAM

एड्स के लक्षण

AIDS के संक्रमण के बाद लिंफोसाइट्स को सक्रिय करने वाली उसकी सहयोगी कोशिकाओं को क्षति पहुंचती है और उनकी संख्या में भारी कमी आने लगती है एड्स के संक्रमण के बाद तीन चार वर्षो के अंदर ही संक्रमित व्यक्ति की अन्य बीमारियों के संक्रमण से या कैंसर के कारण मृत्यु हो जाती है।

इसके अलावा कुछ ऐसे लक्षण है जो एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति में देखने को मिलते हैं-

एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्ति में एचआईवी एड्स का सबसे बड़ा लक्षण यह है कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति का वजन दिन पर दिन घटने लगता है।

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की आंतों में लगातार सूजन बनी रहती है और साथ ही एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्ति को रात में अधिक पसीना आने लगता है।

यह कुछ प्रमुख लक्षण है जिससे यह पता चलता है कि किसी व्यक्ति को AIDS  है या नहीं। AIDS Full Form in Hindi,

AIDS से बचाव

AIDS एक लाइलाज बीमारी है इसका कोई भी इलाज नहीं है लेकिन कुछ ऐसे तथ्य जिनका पालन किया जाए तो हम समाज में एड्स के संक्रमण को काफी हद तक पहले से रोक सकते हैं –

• समाज में AIDS के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए, क्योंकि जितना ज्यादा एड्स की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए उतना ही एड्स को फैलने से रोका जा सकता है।

• दूसरा इंजेक्शन सिरिंज की सुई को सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल करना चाहिए अगर सुई का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है तो ऐसे में AIDS के फैलने के चांसेस काफी हद तक बढ़ जाते हैं।

• खून की जांच के बाद ही खून एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को देना चाहिए।

• इसके साथ ही अंग प्रत्यारोपण के लिए भी एचआईवी की जांच व खून की जांच कराना जरूरी है।

• यौन संबंधों को बनाते वक्त हमेशा ही उसके साधनों का प्रयोग करना चाहिए जैसे सहवास करते वक्त कॉन्डोम का प्रयोग करना।

AIDS के उपचार संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश

AIDS  एक लाइलाज बीमारी है और अभी तक इसका इलाज नहीं खोजा गया है उसका इलाज तो संभव नहीं है इसीलिए जन चेतना व एड्स के प्रति जागरूकता द्वारा ही AIDS के संक्रमण को लोगों तक फैलने से रोका जा सकता है। AIDS Full Form in Hindi,


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